My sketchings

शायरी



                 तेरे प्यार मे कही हर गज़ल पर जमाना रुस्वाइयां देता था
               तेरे जाने के बाद ये मन्जर है कि खामोशी भी सबको शायरी सी लगती है
                             - एकता नाहर 

शायरी


हुनर की जब बात उठी है तो वो भी देखले
कौन कितने पानी में है, हो जाएँ फैसले
- एकता नाहर 

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...